स्व. उदय सिंह पिंडारी जी की चतुर्थ पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि
उरई (जालौन)। सामाजिक, सार्वजनिक और सहकारिता क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहे स्वर्गीय श्री उदय सिंह पिंडारी जी की चतुर्थ पुण्यतिथि 27 सितंबर 2026 को है। चार वर्ष पूर्व, 27 सितंबर 2022 को उनके देवलोक गमन के साथ उरई-जालौन और खंगार क्षत्रिय समाज ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खोया, जिनका जीवन सामाजिक सहभागिता और सार्वजनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा।
समय के साथ वर्ष बदलते हैं, लेकिन कुछ व्यक्तित्व अपने कार्यों, व्यवहार और समाज से बने संबंधों के कारण लोगों की स्मृतियों में बने रहते हैं। उदय सिंह पिंडारी जी भी ऐसे ही व्यक्तित्वों में शामिल रहे। उनकी चतुर्थ पुण्यतिथि पर परिवारजन, शुभचिंतक और समाज से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहे हैं।
उरई-जालौन के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका
उदय सिंह पिंडारी लंबे समय तक उरई और जनपद जालौन के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही वे जिला सहकारी बैंक (JDC Bank) के सभापति भी रहे और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। Amar Ujala
उनका सार्वजनिक जीवन केवल किसी एक पद या जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और जनसंपर्क से उनका जुड़ाव बना रहा। जिला सहकारी बैंक की जिम्मेदारी संभालते हुए भी वे क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते रहे। उरई में आयोजित अन्न महोत्सव के दौरान उन्होंने जेडीसी चेयरमैन के रूप में लाभार्थियों को राशन वितरण से संबंधित सामग्री प्रदान की थी। Amar Ujala
राजनीति और सहकारिता दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहने के कारण उनका संपर्क समाज के अलग-अलग वर्गों से रहा। उरई और जालौन में उन्हें केवल राजनीतिक पहचान से नहीं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी के कारण भी जाना जाता था।
खंगार क्षत्रिय समाज से रहा विशेष जुड़ाव
उदय सिंह पिंडारी जी का खंगार क्षत्रिय समाज से गहरा संबंध रहा। उन्होंने अखिल भारतीय खंगार समाज में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियां निभाईं और लंबे समय तक समाज के कार्यक्रमों तथा संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे। वर्ष 2013 में भी उन्हें अखिल भारतीय खंगार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय देखा गया। Amar Ujala
समाज से जुड़े विषयों पर वे खुलकर अपनी बात रखते थे और विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद बनाए रखते थे। वर्ष 2021 में उरई में आयोजित खंगार समाज के कार्यक्रम में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। उस दौरान समाज की सामाजिक स्थिति, प्रतिनिधित्व और भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी।
उनके लिए सामाजिक संगठन केवल औपचारिक जिम्मेदारी नहीं था। विभिन्न आयोजनों में उनकी निरंतर उपस्थिति और समाज के मुद्दों में भागीदारी ने उन्हें उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बुंदेलखंड के दूसरे हिस्सों में भी पहचान दिलाई।
गढ़कुंडार महोत्सव से रहा वर्षों का नाता
खंगार क्षत्रिय समाज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र गढ़कुंडार से भी उदय सिंह पिंडारी जी का वर्षों पुराना जुड़ाव रहा। वर्ष 2006 में गढ़कुंडार में आयोजित खंगार समाज के बड़े समारोह में उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम का संचालन किया और समाज की गतिविधियों तथा उद्देश्यों को सामने रखा। Google Groups
इसके बाद भी गढ़कुंडार महोत्सव और समाज से जुड़े आयोजनों में उनकी सक्रियता बनी रही। वर्ष 2018 तक उनके नेतृत्व और सहभागिता में महोत्सव के आयोजन से जुड़ी गतिविधियां आगे बढ़ती रहीं। बाद के वर्षों में वे समाज के वरिष्ठ संरक्षक के रूप में भी गढ़कुंडार से जुड़े विषयों में सक्रिय रहे।
गढ़कुंडार केवल एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि खंगार समाज की ऐतिहासिक स्मृतियों और सामुदायिक पहचान से जुड़ा स्थान है। ऐसे में इस महोत्सव से उनका लंबा जुड़ाव उनके सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
‘My Stamp’ बना जीवन का एक यादगार अवसर
वर्ष 2020 में उनके जीवन से जुड़ा एक विशेष अवसर सामने आया। भारतीय डाक की ‘My Stamp’ योजना के अंतर्गत उदय सिंह पिंडारी जी के चित्र वाला व्यक्तिगत डाक टिकट जारी किया गया। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें ‘My Stamp’ स्मृति चिह्न भी प्रदान किया गया। उस समय वे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
‘My Stamp’ भारतीय डाक की व्यक्तिगत डाक टिकट सुविधा है, इसलिए इसे किसी सरकारी स्मारक डाक टिकट के रूप में नहीं, बल्कि उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी एक यादगार उपलब्धि के रूप में देखना अधिक उपयुक्त है।
निधन के बाद भी बनी रही स्मृतियां
सितंबर 2022 में उनके निधन के बाद उरई-जालौन के साथ-साथ बुंदेलखंड के दूसरे क्षेत्रों में भी शोक सभाएं आयोजित हुईं। दतिया स्थित महाराजा खेत सिंह खंगार पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के लोगों ने उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा किए और उनके सामाजिक कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
किसी व्यक्ति के सार्वजनिक जीवन का मूल्य केवल उसके द्वारा संभाले गए पदों से नहीं तय होता। लोगों से उसका संबंध, समाज के साथ उसकी भागीदारी और अपने समय में किए गए प्रयास भी उसकी पहचान का हिस्सा बनते हैं।
स्वर्गीय श्री उदय सिंह पिंडारी जी ने राजनीति, सहकारिता और सामाजिक संगठन—तीनों क्षेत्रों में सक्रिय जीवन जिया। विशेष रूप से उरई-जालौन और खंगार क्षत्रिय समाज के साथ उनका जुड़ाव उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
आज उनकी चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनके जीवन, सामाजिक सहभागिता और उनसे जुड़ी स्मृतियों को श्रद्धापूर्वक नमन।
स्व. श्री उदय सिंह पिंडारी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
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